जैसा की हम सभी जानते है की अंग्रेजो की गुलामी से आजाद होकर 74 साल पुरे हुए है आज इस पवन अवसर पर आपलोग के समक्ष देश प्रेम की भावना से उत्प्रेयित दो शब्द रखने जा रहा हूँ :-
माननीय अताथि महोदय
परम आदरणीय सभी शिक्षकगन ,ग्राम वासियों एवं मेरे प्यारे साथियों आप सभी को मेरा सादर प्रणाम और मेरी तरफ से स्वंतत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये |
दोस्तों जैसा की हम सभी जानते है की अंग्रेजो की गुलामी से आजाद होकर 74 साल पुरे हुए है आज इस पवन अवसर पर आपलोग के समक्ष देश प्रेम की भावना से उत्प्रेयित दो शब्द रखने जा रहा हूँ :-
"आओ झुक कर करे सलाम उनको ,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है ~~~~
ख़ुशनसीब होते है वे लोग ,
जिनका खून इस देश का कम आता है |
दोस्तों आज का दिन ये दिन कोई साधारण दिन नहीं है , इस दिन को पाने के लिए हमारे देश के वीरो और विरंग्निया को देश को क़ुरबानी देनी पड़ी है अंग्रेजो का अन्याय , अत्याचार सहना पड़ा है | हमारें देश के शाहाशी वीरो के संगर्ष के कारन उनके बलिदान के कारण 15 अगस्त 1947 इ० को हमारा देश ब्रिटिश शाशन से आजाद हुआ |गुलामी की जंजीरों से हमें आजाद कराने के इन वीरो ने अपनी प्राणों की यहुती दे दी ,सुचमुच आसान नहीं थी ये खुशिया पा लेना ~~~~आसान नहीं थी आजादी की जंग ~~~~जब पूरी दुनिया सो रही थी तब भी हमारा देश भारत जग रहा था ,क्योकि उनके दिमाग में एक ही सबाल था की हमें आजादी की जंग जितनी है |
देश को आजादी दिलाने के लिए उन्होंने अपनी जीवन की प्रवाह नहीं की ,उनके संगर्ष बलिदान के कारन ही हम अंग्रेजो की गुलामी की बेड़िया से बाहर निकल कर एक खुले आसमान में आया | मै यही कहना चाहूँगा की :-
"भूल ना जाना भारत माँ के सपूतो का बलिदान
इस दिन के लिए जो हुए थे हस कर कुर्बान ~~~~~~
आजादी की खुशिया मनाकर लो ये सपथ की ~~~~
बनायेंगे देश भारत को और भी महान ~~~~~|
हमें हमारे उन वीरो के बलिदान और अथक संगर्ष को कभी नहीं भूलना चाहिए |जिनके कारन हमें और हमारे देश को आजादी मिली है |
आज इस शुभ अवसर पर हमें एक साथ आकार हमारे देश के तिरंगो को हमारे वीरो और विरंगानिया को सलाम करके एक सपथ लेना चाहिए की :-
"हम आजाद है ये आजादी कभी छीनने नहीं देंगे
तिरेंगे की शान को कभी मिटने नहीं देंगे ~~~~
कोई आंख भी उठाएगा जो हिंदुस्तान की तरफ
उन आँखों को फिर दुनिया देखने नहीं देंगे |
भारत माता की ~~~~~~~~~~~~~~~~~~जय
वन्दे ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~मातरम
