दोस्तों नमस्कार 🙏🙏🙏🙏! सबसे पहले आप सभी पाठको को मेरे तरफ होली की हार्दिक शुभकामनाये !
खासकर होली हिन्दुवो का प्रमुख त्यौहार में से एक है , इसे हम रंगों का त्यौहार या रंगोत्सव भी कहते है |
👉होली कब मनाया जाता है ? Holi Kab Manaya Jata Hai ?
होली प्रत्येक वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है | जानकारी के लिए बता दूँ की 2022 की होली ( HOLI 2022) 18 मार्च के दिन होगा , जबकि इससे एक दिन पहले यानि 17 मार्च को होलिका दहन(HOLIKA DAHAN 17 MARCH ) है इसे लोग छोटी होली की भी नाम से जानते है | BIHAR के मिथलांचल के छेत्र में होली के एक दिन पहले बाले दिन को धुरखेल भी कहते है , इस दिन सभी लोग आपस में प्यार से एक दुसरे को धुल मिटटी किचर इत्यादि लगाते है |
👉होली और होलिका दहन आखिर क्यों मनाया जाता है ? Holi Kyo Manaya Jata Hai ?
होलिका दहन को अच्छाई की बुराई के विजय के रूप में जाना जाता है | प्राचीन कथावो के अनुसार हिरनकश्यप प्राचीन भारत के एक राजा थे ,जिसमे बहुत ही ज्यादा कुरुर्ता भरा हुआ था | हिरनकश्यप अपने छोटे भाई का मृत्यु का बदला लेना चाहता था जिसे भगवान विष्णु ने वध किया था | हिरनकश्यप खुद को भगवान समझते थे और अपनी प्रजा से भी स्वंय की पूजा करवाते थे | असुर राजा का एक पुत्र भी था जिसका नाम प्रह्लाद था , जो भगवान विष्णु का बहुत बढ़ा भक्त था | हिरनकश्यप अपने पुत्र प्रह्लाद से बहुत नाराज थे ,क्योकि वह अपने पिता का आदेश नहीं मानता था और भगवन विष्णु की पूजा में समां गया था | असुर राजा इतना करुर था की एक दिन वह अपने ही पुत्र को मारने का फैसला किया |
हिरनकश्यप की बहन होलिका को वरदान प्राप्त था की वह आग में भष्म नहीं हो सकती | हिरनकश्यप नेअपने बहन को आदेश दिया की वह प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठे | आग में बैठने पर होलिका तो जल गई लेकिन प्रह्लाद बच गया | इश्वर भक्त प्रह्लाद की याद में इसी दिन को होलिका दहन के रूप में मनाया जाने लगा |